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रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र से अम्बिकापुर महापौर डॉ अजय तिर्की ने कांग्रेस से ठोंकी दावेदारी, जनसंपर्क में नजर आये उप मुख्यमंत्री के भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंह देव

अम्बिकापुर/क्या रामानुजगंज सीट पर इस बार कांग्रेस अपना प्रत्याशी बदलेगी, इसे लेकर कई सवाल हैं और पार्टी के अंदर ही इस पर कई जवाब भी हैं, हालांकि कांग्रेस के अपने इंटरनल सर्वे में 37 से अधिक सीटों पर इनके मौजुदा विधायक चुनाव हार रहे हैं ऐसी रिर्पोट है, क्या इस सर्वें में रामानुजगंज सीट का भी नाम है अथवा नहीं यह अलग बात है। लेकिन जो बातें बलरामपुर जिले के कांग्रेस के संगठन से निकल कर आ रही है, उससे साफ प्रतीत होता है कि इस बार बृहस्पति सिंह को संगठन के लोग मदद नहीं करेंगे और यदि उन्हें प्रत्याशी बनाया गया तो पार्टी में फुट हो सकती है। इसके कई कारण है और जिम्मेदार अकेले बृहस्पति सिंह स्वयं है। इसके पूर्व पिछले चुनाव अर्थात् 2018 की यदि बात की जाये तो उस समय भी संगठन के लोग नहीं चाहते थे कि बृहस्पति सिंह रामानुजगंज सीट से चुनाव लड़ें, तब सरगुजा संभाग से कांग्रेस के बड़े नेता और कांग्रेस के सर्वेसर्वा टी.एस.सिंह देव ने कार्यकर्ताओं से कहा आप बृहस्पिति सिंह को नहीं मुझे चुनाव जीताईय यह समझिये की मैं चुनाव लड़ रहा हूं, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है और एक-एक सीट अहम है। तब संगठन के लोगों ने कार्य किया और बृहस्पति सिंह चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे और कांग्रेस की सरकार भी बनी। लेकिन सरकार बनते ही बृहस्पति सिंह ने पहली गलती की संगठन को दरकिनार कर अपने अलावा किसी अन्य का जिले में चलने ही नहीं दिया, कांग्रेस संगठन से जुड़े कई लोगों पर मुकदमें तक हुए थाने तक ले जाया गया और कई लोगों को अन्य तरिके से प्रताड़ित किया गया। लगभग पुरा संगठन ही बृहस्पति सिंह के खिलाफ खड़ा हो गया। वहीं दूसरी ओर बृहस्पिति सिंह ने एक और बड़ी गलती कि वह यह कि उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर एक नाटकीय घटनाक्रम में टीएस सिंह देव से अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा कि टीएस सिंह देव मेरी हत्या कराना चाहते हैं। इसके बाद पुरे संगठन ने विधायक के विरूद्ध पार्टी आलाकमान को पत्र लिखा और उन्हें पार्टी से बाहर करने की मांग भी कि ऐसे में अब न सिर्फ संगठन में बल्कि स्वयं सरगुजा पैलेस से जुड़े लोगों में विधायक को लेकर काफी आक्रोश है। ऐसा तय माना जा रहा है कि टी एस सिंह देव उपमुख्यमंत्री बनाये गये हैं और सरगुजा संभाग के सीट आवंटन में उनका चलना है, ऐसी परिस्थिति में इस बार संगठन के बातों को तरजीह मिलेगी और बृहस्पिति सिंह का टिकट कट सकता है, ऐसी बातें संगठन के अंदर चल रही है। ऐसे में डॉ. अजय तिर्की रामानुजगंज सीट से कांग्रेस के टिकट के प्रबल दावेदार हैं।

जनसंपर्क के दौरान हमारा नेता कैसा हो डॉ अजय तिर्की जैसा हो, अगला विधायक डॉ तिर्की जैसा हो के नारे लगे। अविभाजित सरगुजा के रामानुजगंज विधानसभा सीट पर एक बार फिर 2023 के विधानसभा चुनाव हेतु अम्बिकापुर से दूसरी बार महापौर बने डॉ अजय तिर्की को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाये जाने की मांग तेज हो गई है। जिससे रामानुजगंज सीट पर डॉ. अजय तिर्की को टिकट मिलने की संभावना को ज्यादा सकारात्मक नजरिये से देखा जा रहा है। इसके कई कारण हैं एक तो मौजुदा विधायक एवं दो बार से रामानुुजगंज से विधायक बृहस्पति सिंह ने संगठन को दरकिनार कर एक तरफा अपना चलाया और इतना ही नहीं बृहस्पति सिंह ने टी एस सिंह देव के ऊपर हत्या कराने का आरोप भी लगाया। ऐसे में पिछले तीन चुनावों से कांग्रेस से टिकट मांग रहे डॉ. अजय तिर्की की दावेदारी को पुख्ता इस बार इसलिये माना जा सकता है कि जिस तरह से बृहस्पति सिंह से कांग्रेस का मौजुदा जिला कांग्रेस संगठन नाराज़ है और स्वयं टीएस सिंह देव एवं उनका परिवार नाराज़ है ऐसे में फिर से उन्हें टिकट मिले इसकी संभावना कम ही लगती है। ऐसे में अम्बिकापुर से दूसरी बार महापौर बने डॉ अजय तिर्की ने एक बार फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। न सिर्फ तैयारी बल्कि दावेदारी तक कर रहे हैं और उनके साथ स्वयं सरगुजा पैलेस के उत्तराधिकारी आदित्येश्वर शरण सिंह देव भी क्षेत्र में संपर्क कर रहे हैं। इस दावेदारी में सबसे बड़ी बात जो निकल कर आयी है वह यह है कि रामानुजगंज के दौरे पर पहुंचे सरगुजा पैलेस के उत्तराधिकारी आदित्येश्वर शरण सिंह देव के सामने लोगों ने अपनी ही सरकार के शासन तंत्र एवं विधायक की शिकायत की। लोगों ने इस बीच अम्बिकापुर से महापौर डॉ. अजय तिर्की को अगले चुनाव में रामानुजगंज से प्रत्याशी बनाने की मांग कर दी है।

इन सबके बीच कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वयं आदित्येश्वर शरण सिंह देव के भाषण में भी कई बातें निकल कर आयीं और उन्होंने कार्यकर्ताओं के संघर्ष की प्रशंसा की तो वहीं अपने ही सरकार में उनका कार्य नहीं होने व अपमानित होने जैसी बातों को लेकर भी काफी कुछ कहा है। आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने मौजुदा विधायक बृहस्पति सिंह का नाम लिये बगैर कहा कि *कई लोगों ने हमारी विपरित परिस्थितियों में अपने व्यक्तिगत लाभ के लिये ऐसा कृत्य किया जो कि स्वीकार्य योग्य नहीं है।* इससे स्पष्ट है कि बृहस्पति सिंह के प्रकरण को लेकर अभी भी नाराज़गी व्यापत है, वह प्रकरण जिसमें बृहस्पति सिंह ने सिधे तौर पर टी एस सिंह देव पर हत्या कराने का आरोप लगाया था।

हालांकि मिडिया के सवाल पर आदित्येश्वर ने यह भी कहा कि यह पार्टी का लोकतंत्र है कि दावेदारी कोई भी कर सकता है, अंतिम फैसला पार्टी एवं चुनाव समिति करती है। दावेदारी कोई भी कर सकता है, स्वयं पार्टी ने ब्लॉक स्तर पर एवं जिला स्तर पर दावेदारों को अपना आवेदन देने दिशा-निर्देश जारी किया है।

वहीं आदित्येश्वर शरण सिंह देव द्वारा किये जा रहे जनसंपर्क में पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी अपनी-अपनी बातें रखीं तथा कहा कि 15 साल के भाजपा शासनकाल में हम सब बच गये, लेकिन अपने ही शासन काल में हमें प्रताड़ित किया जाता रहा है, अधिकतर ने इशारों ही इशारों में मौजुदा विधायक बृहस्पिति सिंह पर निशाना साधा है।

वहीं पुरे मामले को लेकर अम्बिकापुर से महापौर डॉ अजय तिर्की ने कहा कि पार्टी में अपनी-अपनी दावेदारी करनेे का अधिकार पार्टी ने सबको दे रखा है, अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान का होता है, मैं पिछले कई वर्षों से टिकट की मांग कर रहा हूं और इस चुनाव में भी मैं दावेदारी करूंगा।

यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि आखिरकार 2023 के चुनाव में मिडिया की सुर्खियों में अपने अलग-अलग कृत्यों से लगातार बने रहने वाले मौजुदा रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह का टिकट कटेगा अथवा वे टिकट ले पाने में कामयाब होंगे। आदित्येश्वर शरण सिंह देव के साथ रामानुजगंज क्षेत्र में जन संपर्क के दौरान डॉ अजय तिर्की की मौजुदगी एवं आदित्येश्वर शरण सिंह के भाषण ने काफी कुछ स्पष्ट कर दिया है। रामानुजगंज की सीट पर कांग्रेस किसको टिकट देगी यह तो समय बतायेगा, किन्तु इशारा किधर है यह स्पष्ट हो चुका है।

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