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ननकीराम कंवर का आरोप -पूर्व जिपं सीईओ नूतन कंवर ने डीएमएफ भ्रष्टाचार में दो कलेक्टर्स का साथ दिया

विधायक ननकीराम कंवर ने कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास मद के नियम के विरुद्ध वर्ष 2022-23 में प्रशिक्षण, सामग्री सप्लाई और निर्माण संबंधी कार्य स्वीकृति में अरबों रुपये के गबन व भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध केन्द्रीय जाँच एजेंसी से जाँच कराकर कार्यवाही की मांग की है

कोरबा। ऊर्जानगरी कोरबा में खनिज संस्थान न्यास मद (डीएमएफ) की लूट मची है। राज्य सरकार जन हितैषी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती करती है। मगर कुछ अफसर राज्य सरकार के जन हितैषी सोच पर पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। कोरबा में ऐसे अफसरों की कमी नहीं है। कुछ इसी तरह पूर्व जिपं सीईओ, सह सचिव जिला खनिज संस्थान नूतन कंवर ने डीएमएफ भ्रष्टाचार में दो कलेक्टर्स ( संजीव झा, रानू साहू) का बखूबी साथ दिया

है। आईएएस अफसरों के साथ मिलकर उन्होंने डीएमएफ अरबों का गबन किया है। रामपुर विधायक व पूर्व गृहमंत्री ने संजीव झा के कार्यकाल से जुड़ी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। दूसरी ओर पूर्व कलेक्टर रानू साहू ईडी की गिरफ्त में है।
विधायक ननकीराम कंवर ने कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास मद के नियम के विरुद्ध वर्ष 2022-23 में प्रशिक्षण, सामग्री सप्लाई और निर्माण संबंधी कार्य स्वीकृति में अरबों रुपये के गबन व भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध केन्द्रीय जाँच एजेंसी से जाँच कराकर कार्यवाही की मांग है। पीएम को लिखे पत्र में कहा गया है कि आपकी सराहनीय सोच न मैं खाऊंगा और न में खाने दूंगा मंशा के विपरीत छत्तीसगढ़ प्रदेश के कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास मंद की राशि में अरबों रुपये का घोटाला प्रत्येक वर्ष हो रहा है। वर्ष 2022-23 में शासी परिषद की बैठक में जो कार्य अनुमोदित हुए थे उनकी स्वीकृति न देकर व्यक्तिगत स्वार्थ से मन चाहे कार्य को स्वीकृत किया गया है और उस कार्य का अनुमोदन भी नहीं लिया गया है। इस तरह से जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि विकास कार्य में खर्च करने के लिए केंद्र सरकार ने जो नियम बनाया है उसका पूर्ण रूप से अवहेलना करते हुए कलेक्टर कोरबा द्वारा अपने नियम बनाकर केवल कागजों में कार्य स्वीकृत किये गए हैं। धरातल में कोई प्रशिक्षण किसी को मिला ही नहीं, समग्री सप्लाई हुआ ही नहीं, कई निर्माण कार्य हुआ ही नहीं फिर भी अरबो रुपये गबन कर भ्रष्टाचार पूर्व कलेक्टर, सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास संजीव झा, पूर्व जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सह सचिव जिला खनिज संस्थान न्यास नूतन कुमार कंवर और पूर्व परियोजना समन्वयक भरोसा राम ठाकुर के द्वारा मिलीभगत कर किया गया है।मनचाहे कार्य को फर्जी ढंग से अनुमोदन किया गया और जिस कार्य का अनुमोदन हुआ भी उस कार्य को स्वीकृत नहीं किया गया और जो कार्य स्वीकृत हुआ है वो कार्य का अनुमोदन नहीं लिया गया। इस तरह मनचाहे कार्यों को स्वीकृत पूर्व कलेक्टर संजीव झा, पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी नूतन कंवर और परियोजना समन्वयक भरोसाराम ठाकुर के द्वारा किया गया है। जिन्होंने कार्य स्वीकृत कर राशि आहरण कर अरबों रुपये का गबन किया गया है। असल में वो सब कार्य कागज में स्वीकृत किया गया है और धरातल में कार्य ही नहीं हुआ और पूरी राशि का बंदरबाट कर दिया गया है। श्री कंवर ने अधिकारियों के स्वयं एवं परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर शासकीय राशि का दुरुपयोग कर जमीन, फ़्लैट और ब्लैक मनी रखने का आरोप लगाया है। जिनके विरुद्ध केंद्रीय जांच एजेंसी से जाँच कराकर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है।

अनुमोदित और स्वीकृत कार्यों की सूची भी भेजी

श्री कंवर ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में इस बड़े भ्रष्टाचार को लेकर संजीव झा पूर्व कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास, नूतन कंवर पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह सचिव द्वारा अनुमोदित और स्वीकृत कार्यों की सूची भी प्रेषित की है।

भंडार क्रय नियम का नहीं हुआ पालन

विधायक कंवर ने पत्र में कहा है कि वर्ष 2022-23 में जो कार्य स्वीकृत किया गया है, उसमें प्रशिक्षण, सामग्री सप्लाई और निर्माण स्ट्रीट लाईट संबंधी कार्य के नाम से बिना प्रशिक्षण दिए बिना सामान सप्लाई और बिना निर्माण के अरबों रुपये का घोटाला किया गया है। भंडार क्रय नियम के नियमों का पालन नहीं हुआ है। भारत सरकार के जीएसटी टैक्स में भी कई करोड़ रुपये की चोरी की गई है। ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाकर कार्य स्वीकृत कर नियम विरुद्ध ढंग से ठेकेदार से कार्य करवाया जा रहा है। इस तरह से किसी भी सामग्री का जीएसटी बिल नहीं होने के बाद भी राशि भुगतान किया गया। इस तरह से समस्त राशि का गबन और जीएसटी चोरी को पूर्व कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास संजीव झा, नूतन कंवर पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह सचिव जिला खनिज संस्थान न्यास और भरोसा राम ठाकुर पूर्व परियोजना समन्वयक जिला खनिज संस्थान न्यास द्वारा अंजाम दिया गया।

सूची को करा दिया गायब

श्री कंवर का कहना है कि वर्ष 2022-23 में अनुमोदन किये गए सूची उनके बार बार मांग करने के बाद नहीं दिया गया। विधानसभा में प्रश्न करने पर दिया गया है। जिसमें कूटरचित कर केवल पुरुषोतम कंवर विधायक कटघोरा और मोहित केरकेट्टा विधायक पाली तानाखार सहित अध्यक्ष (कलेक्टर)/ सह सचिव ( मुख्य कार्यपालन अधिकारी) का हस्ताक्षर युक्त अनुमोदित सूची प्राप्त हुआ है। जिस सूची में उनका और अन्य सदस्य का हस्ताक्षर भी नहीं है, जबकि वे शासी परिषद की बैठक में सम्मिलित हुए थे और हस्ताक्षर भी किया था। उस सूची को गायब कर दिया गया है।

 

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