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शराब घोटाला मामले के आरोपी अनवर ढेबर जेल से रिहा

ढेबर:शराब घोटाला मामले के आरोपी अनवर ढेबर का विजेताओं सा स्वागत, जेल के बाहर आतिशबाजी

हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद सोमवार देर शाम शराब घोटाला मामले के आरोपी अनवर ढेबर को जेल से रिहा कर दिया गया। अनवर ढेबर को ले जाने सेंट्रल जेल में डेढ़ सौ से अधिक समर्थक घुस आए। जेल कैंपस के बाहर खूब नारेबाजी हुई, देखो देखो कौन आया शेर आया…जैसे नारे लगाए गए पटाखे फोड़े गए।अनवर ढेबर को मालाएं पहनाई गई । स्वागत वैसा ही हुआ जैसे किसी विजेता का होता है। समर्थक कई कारों और बाइक में किसी रैली की शक्ल में जेल पहुंचे थे और इसी अंदाज में अनवर ढेबर को लेकर उनके घर पहुंचे । रिश्तेदारों मोहल्ले के लोगों ने ढेर सारी बधाइयां दी।रिहाई की खबर सुनते ही शाम के वक्त एक-एक कर लोग सेंट्रल जेल के बाहर पहुंचने लगे ।काफी देर तक इंतजार के बाद जब अनवर ढेबर जेल से बाहर आए तो लोगों ने उन्हें गले लगा लिया। अनवर ढेबर शराब के कारोबार से जुड़े रहे हैं । प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 6 मई को गिरफ्तार किया था तभी से वह ED की कस्टडी और उसके बाद जेल में थे ।

अनवर के साथ जेल में इसी मामले के आरोपी आबकारी विभाग के अफसर रह चुके एपी त्रिपाठी , कारोबारी नितेश पुरोहित, अरविंद सिंह त्रिलोक ढिल्लन बंद है । इन सभी ने अपनी बेल की अर्जी पहले अदालत में दी थी जिसे नामंजूर करते हुए सभी को अदालत ने जेल में ही रखने के निर्देश दिए थे। अनवर ढेबर को मिली जमानत के बाद अब इन सभी आरोपियों में जमानत मिल जाने की आस जगी है । नितेश पुरोहित त्रिलोक ढिल्लन पहले ही अदालत में गंभीर बीमारियों का हवाला देकर जमानत दिए जाने की बात कह चुके हैं । क्योंकि अनवर को भी बीमारी के मामले में ही जमानत मिली है ऐसे में अब इन आरोपियों के वकील भी इन्हें बाहर निकालने की जुगत में लग चुके हैं।

किस वजह से मिली जमानत

हाईकोर्ट अधिवक्ता मतीन सिद्धिकी और पुनीत बाली ने बताया कि अनवर ढेबर को अंतरिम जमानत मिल गई है। ऑर्डर शीट में तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत की बात कही गई है। यानी तीन हफ्ते के बाद किसी भी दिन सुनवाई की तिथि घोषित होगी।

अनवर की तरफ से हाई कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई थी। इस पर जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ढेबर की तरफ से बताया कि उन्हें किडनी की गंभीर बीमारी है। इस संबंध में चिकित्सा से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए। साथ ही, यह हवाला भी दिया गया कि शीर्ष कोर्ट ने इस मामले में आरोपियों पर किसी तरह की विपरीत कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

ढेबर को देनी होगी संपत्ति की जानकारी

हाई कोर्ट ने अनवर को 5 लाख रुपए के निजी बांड पर अंतरिम जमानत दी है। साथ ही, दो लोगों को 5-5 लाख रुपए का बांड भी ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत करना होगा। तीनों को आधार कार्ड की कॉपी भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। वहीं, ढेबर को चल और अचल संपत्ति, बैंक खाते और उसके परिवार के सदस्य यानी पत्नी- बच्चों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी।

ये था मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब कारोबारी अनवर ढेबर को शराब घोटाले में आरोपी बनाया था। ईडी की ओर से छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला होने की बात कही थी। साथ ही 13 हजार पन्नों की चार्जशीट भी पेश की गई थी। 2000 करोड़ शराब घोटाले का आरोप ED ने लगाया है, जिसे कांग्रेस ने लगातार निराधार बता रही है।

ईडी ने शराब में राज्य में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक रुपए के भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग का दावा किया है। जिसमें कहा गया कि, राज्य में 2019 से 2022 तक 2 हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। इसमें राज्य के बड़े नेताओं और अधिकारियों का समर्थन था। कच्ची शराब सरकारी शराब दुकान बेचने और इससे मुनाफा कमाने का आरोप अनवर ढेबर पर लगाया गया है।

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